आमर प्रेमगाथाँ

◆Synopsis◆

*आमर प्रेमगाथाँ*

यह प्रेम पर आधारित कहानी हैं जो यह बतलाती हैं किस प्रकार दो प्रेमीयो के प्रेम पथ मे संसार सामाजिक रूढ़ियो (जात-पात,ऊँच-नीच) की जंजीरे पैरो मे डालता हैं और आपने प्रेम को पाने के लिए प्रेमीजोडा़ सभी बाँधाओ से लड़कर आपने प्रेम को पाने मे सफल होते हैं और जो कहानी हालातो की मार की वजह से दुर्भाग्यवश आसफल हो जाती हैं वह पवित्र प्रेम आधुरा रहकर भी आमर हो जाता हैं।इस कहानी मे भी आधुरे किंतु आमर प्रेम की छवि वर्णित हैं।।

आंवती मे राजमाता दक्षयानी के दो पुत्र थे बडा़ पुत्र आदम्य जो आवंती का स्वार्थी राजा था और छोटा पुत्र भादवी जो मंदबुध्दी था जिसे ना शस्त्र की समझ थी ना शास्त्र की।इसी वजह से वह आपने ही राज्य मे आपमान सहकर एक दास का जीवन खुशी से जी रहा था। वह आपनी ही चित्रकारी और कवितालेखन की दुनिया मे डूबा रहता वह सेनापती पुष्यनाथ (बाबा) के आलावा सभी की समझ से बहार था। वही मंदिता एक सुन्दर चंचल स्वभाव वाली दासीपुत्री थी जो आमरावती की आव्दितीय नृतकी थी। जब भादवी पहली बार आमरावती जाता हैं तब वह मंदिता को देखकर उस पर मोहित हो जाता हैं और कई नोक- झोक के बाद दोनो की प्रेम कहानी बिना राजा-रंक का भेदभाव किए बिना शुरु हो जाती हैं। किंतु इस प्रेम कहानी मे नया मोड़ तब आता हैं जब अंग की राजकुमारी भादवी पर मोहित होकर विवाह प्रस्ताव आवंती के सामने रखती हैं और भादवी इस प्रस्ताव को आस्वीकार कर आपने प्रेम के बारे मे सबको बतलाता हैं किंतु उसके प्रेम की हँसी उडा़कर उसके प्रेम को सामाजिक रूढ़ियो मे ढालकर आस्वीकार करके उसे आपमानित किया जाता हैं। भादवी आपमान सहकर भी आपने निर्णय पर आडिंग रहता हैं और उसके पास आपने प्रेम को पाने का दूसरा मौका तब आता है जब राजा आदम्य कारणवश भादवी की जगह अंग जाते हैं और इस आवसर का लाभ उठाकर आमरावती का बलीसाधक धीरोध्दत भादवी को आपने रास्ते से हटाने के लिए पिंडारियो को भादवी से आपना प्रतिशोध लेने हेतू अंग पर चढा़ई करने की राय देता हैं। इधर आवंती के 2/4 सैनिक राजा आदम्य के साथ अंग चले जाते हैं और 1/4 सैनिक भादवी की तलाश मे जिससे आवंती पर पराजय के काले बादल मंडराने लगते हैं और इस विषम परिस्थिती से भादवी आवंती को बहार लाकर आपनी विजय पताका लहराता है। उसका यह स्वरूप सभी को आचंभित करके आपने प्रेम को पाने का रास्ता तो खोल देता है किंतु षड़यंत्र की जंजीर में बंधने से बचाने मे असमर्थ रहा। फलस्वरूप मंदिता को भादवी की नफरत के साथ बंदीगृह के आंधेरे मिले तो भादवी को वियोग का दुःख जो भादवी को अंदर से तोड़कर उसके ह्रदय को नफरत से भर देता हैं। और भादवी के जीवन का एकमात्र लक्ष्य पिंडारियो और उनके प्रमुख धीरोध्दत को ढूंँढ़कर उनको मृत्यु देकर आपनी प्रतिज्ञा पुरी करने का रह जाता हैंं। हरिती इस दुःख के समय मे भादवी को मित्रता के नाते संभालती हैं किंतु भादवी के ह्रदय मे आपना प्रेम जगाने मे आसफल रहती हैं और इस प्रकार भादवी का एक निर्णय और मंदिता की एक प्रार्थना इस कहानी को दूसरा मोड़ तब देती है जब भादवी सुचना पाकर पिंडारियो पर चढा़ई करने जाता हैं और मंदिता को बंदीगृह से निकालकर षड़यंत्र रचकर विषपान करवाया जाता हैं। जब भादवी षड़यंत्रो की सच्चाई से रुबरू होता हैं तब मंदिता के जीवन की इन अंतिम घडी़ मे भादवी के दिल से नफरत के काले बादल हटकर मंदिता के लिए पुनः प्रेम को जागृत हो जाता हैं और भादवी इस वियोग के दुःख को आस्वीकार करके दोनो एक-दूसरे की बाहों मे एक साथ दम तोड़कर आपने प्रेम को जात-पात, ऊँच-नीच के भेदभाव से ऊपर रखकर आमर कर जाते हैं और दुनिया को प्रेम का पाठ पढा़ जाते हैं।।

…………………………(समाप्त)…………………………..

Written by – Grow

Language – Hindi

Genres – drama,musical,emotion comday,saspens

Dated – 10/02/2019 __________________________________________

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