मै जला, मै जला

मै जला, मै जला , देर शब मै जला I
बुझ गए जलने वाले सब-के-सब मै जला II

तूने देखा तेरे दर दिएँ जल बुझ गए I
क्या देखा नहीं तूने रब मै जला II

राख़ अपने बारे में मुझसे पूछ रहा था I
मोहब्बत हुई मुझको कब, कब मै जला II

चाँद को जब किसी ने अपना कह दिया I
तू जला, वो जले, जले सब मै जला II

जैसे जलने का एक सिलसिला बन गया I
तू बुझा जलके जब, मै जला II

“शर्मा” ज़िन्दगी थोड़ी सी बची थी मगर I
जलाना चाहते थे मेरा शव, मै जला II

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