BAHNAITIS

कृष्‍णा नगर में एक पिता और पुत्र रहते थे पिता अपने पुत्र कृष्‍णा से बहुत प्‍यार करता है पिता अपने पुत्र के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहते है कृष्‍णा भी अपने पापा से बहुत प्‍यार करता है कृष्‍णा ने कक्षा 5वी पास करके कक्षा 6वीं में आ गया अब वह अपने पापा से बहुत बहाने बनाने की आदत हो गयी है एक दिन स्‍कूल जाने के टाईम पर कोई न कोई बहाना शुरू कर देता था।
पिता यह देखकर बहुत हेरान हो गये कि एसा ही चलता रहा तो यह आगे क्‍या कर पायेगा, आज मेरा स्‍कूल जाने का मन नहीं है क्‍या एक रोज एक ही जगह जाकर मेरा दिमाग खराब हो जाता है।
अच्छा ऐसी बात है मैने भी यह बात सोची है चलो तुम्‍हे बोडिंग स्‍कूल में डाल देते है फिर स्‍कूल भी नया काम भी नया पढाई भी नई नयी पिटाई भी मिेलेगी क्‍यों। मजाक कर रहे हो पापाजी मे जा रहा हूँ स्‍कूल मुझे नहीं जाना बोडिंग स्‍कूल मे यही ठीक हूँ।
फीर दूसरे दिन मे आज स्‍कूल नहीं जा सकता क्‍योकि मेरे पेट मे बहुत दर्द हो रहा है पता नही क्‍या हो गया फीर तुम मत कहना कि मैं स्‍कूल नहीं जाउगा मार मार के पहुचाऊगा तुम्‍हे रोज रोज कोई ना कोई नाटक बना लेते हो नहीं पापा सही मे आज सही बोल रहा हूँ प्‍लीज कुछ करो ठीक है। तुम आज मत जाओ तुम्‍हे आज डॉक्‍टर के पास ले जाना है चार सुई लगेगी तो सब ठीक हो जाएगा थोडी देर बाद चलो तैयार हो जाओ कृष्‍णा आज तुम्‍हे नये डाक्‍टरके पास ले चलता हूँ।
डाक्‍टर के पास जानाहै सादी मे नहीं जो तैयार होऊ हॉ हॉ।
डाक्टलर सहाब यह मेरा पुत्र है, कृष्‍णा यार यह पता नहीं इसे कौन सी बीमारी हो गयी है हर दिन कोई ना कोई बहाना बनाता जाता है स्कूाल नहीं जाऊगा खाना नहीं खाऊगा कोई काम नहीं करता होमवर्क नहीं करना , पता नही क्याो होगा आगे जाकर।
ओ हो यह बात है, ‘’मै हूँ उज्ज वल कर देता हूँ सबका जीवन उज्ज वल’’ कोई बात नही इसका इलाज मेरे पास है आप सही जगह आए हो, आज से आपके जिदगी बदल जाएगी और आपके जीवन में उजाला ही उजाला हो जाएगा क्योंबकि मै हू उज्ज वल कर देता हू सबके जीवन में उज्जाीला
कृष्णाग सोचने लगा कोई किसी कि सोच का इलाज कर सकता है क्यां एक तो डाक्टयर पागल और पापा महापागल है जो मुझे यहा लेकर आया है
डाक्ट र ने सूटकेश निकाला कृष्णाा देखने लगा यहा क्या हो रहा है डाक्ट र ने लेपटाप निकाला और खून निकालने वाले इजक्शयन।
देखो आज तुम्हे अपने शरीर के बारे में बताता हूँ देखो यहा हमारा हार्ट है जबसे हम इस दुनिया में आए है तब से हमारा हार्ट बिना रूके अपना काम करते आ रहा है यदि हमारा हार्ट कह दे तो थोडी देर आराम कर ले तो क्या होगा हमारे शरीर मे ब्लहड‍ सरकुलेशन रूक जाएगा और हम मर जाएगे सोचो हम रास्ते से जा रहे कोई ट्रक आ रहा है ऐसे समय में दिमाग काम नहीं करे तो क्याा होगा क्याक तुम्हे जैसे हमारा शरीर अपना काम पूरी शिदतके साथ 100प्रतिशत अपना काम करता है तो फिर हमें भी अपना काम को जो हमे सोपा गया पूरी शिदत के साथ करना चाहिए नहीं।
हॉं कृष्णाम हॉ सर मैने तो यहा कभी सोचा ही नहीं सर पर मै क्याे करू मुझे लोग मंद बुद्धि कहते है और चिडताते है इसलिए मुझे स्कूहल जाने में परेशानी होती है, मंद बुद्धि किसी की नहीं होती है आज जिस उजाले में बैठे हो नई तकनीक का प्रयोग करके आज हमारा जीवन सुखमय बनाया है जिन्होतने पहला बल्बआ बनाया थामस आल्वास एडिसन को मंद बुद्धि होने के कारण स्कूेल से निकाल दिया था,जब बल्बउ के अविष्काबर के बाद उनसे पूछा गया कि आपने 1000 बार असफल होने के बाद भी एक बार सफल प्रयास किया आपको कैसा लग रहा है फिर उन्होदने कहा कि मैं सफल असफल नहीं हुआ मैं 1000 बार इसी प्रयोग का अविष्काएर किया जिससे मुझे पता चला कि इससे बल्ब1 नहीं जल सकता। सर मेरे हाईट बहुत कम है मैं क्याा करू, उचाई कम या ज्याएदा होना कोई फर्क नहीं पडता मास्टंर बलास्टूर सचिन तेदुलकर की भी हाईट बहुत कम है उन्हो ने ने अपनी प्रतिभा से क्रिकेट में अपने झण्डे गाढ दिये और क्रिकेट के भगवानकहालाये फिल्मप स्टारर अमिर खान की हाईट कम है और फिल्म इंडिस्टीलरी में मिस्टटर परफीनिस्टह कहलाये सर मेरे सायकिल की दुकान है मेरी आधी जिदगी सायकिल स्टोेर में बीत गयी मे क्या करू सायकि‍ल की बात करते हो आप निरमा कपनी के मलिक मिस्टार निरमा इंडिस्ट्रीद के मालिक ने अपनी आधी जिदगी सायकिल पर निरमा बेच बेच कर बिता दी आज पूरी दुनिया में उनका नाम है तुम अपना स्भाबव बदलो तुम अपनाकाम 100 प्रतिशत करो तुम भी अपने सायकिल स्टोार से बदल जाउगे। आप जितना चाहते हो आपने जीवन में जीवन में कुछ करनाचाहते हो तो आप को तय करना है जितना आपको है तो करना भी आपको पडेगा ।
आप आपने जीवन में अपनी जीवन के मालिक खुद हो बहाना मारते हुए जिंदगी बिताना चाहते हो जिम्मे दारी लेना सीखोगे अपने जिदगी में अपनी जीवन की तकलीफो को हराकर आगे बढाना सीखोगे ।
मेरी उम्र बढती जा रहीं है मे क्या करू सर अब मे क्याअ करू के एफ सी के मालिक ने अपना पहला रेस्टोहरेंट 60 साल की उम्र मे खोला था आज पूरी दुनिया में उनका रेस्टोोरेट है।
कृष्णाुबोला मेरी उम्र बहुत में क्या कर सकता हॅू तुम अपना लक्ष्या निधारित करो उस पर लग जाओ क्याब करना है क्याक होगा अपने आप होता चला जाएगा तुम अपने लक्ष्यह पर लगे रहो कम उम्र ज्याूदा कोई मायने नही रखती सनिया मिर्जा की उम्र बहुतकम है एसटेनाट रितेश अग्रवाल की उम्र बहुत कम फेसबुक के संस्थाकपक मार्क जुकबर्ग भी उम्र बहुत कम क्याम फर्क पडता है उम्र कम या ज्याकदा लडका हो या लडकी कोई फर्क नहीं पडता फर्क इतना अाप क्याम चाहते हो तुम जितना चाहते हो या नहीं ।आप बाहने की आड में अपनी कमजोरी को तो नहीं छुपा रहे हो अपने कमफर्ट जोन से बाहर निकल नहीं सोचेगे तो कैसा होगा मेहनत तो आपको करनी पडेगी जितना आपको है कि यू ही बैठै रहना है आप दोनो अब अपने आप से पूछे की जितना चाहते हो या नही अपने आप से पूछो कि मे क्यास करू कि मेरे माता पिता मेरे समाज को मेरे चहाने वालो को गर्व हो कुछ ऐसा करो कि जिससे मेरे समाज और अपने जीवन में क्राति ला दे ।
डॉक्टीर साहब आज आपने हमारी आखे खोल‍ दी जब हम अगली बार मिलेगे तो आपकी फीस देगे दोनो जल्दीा से चले गये और अपने अपने काम पर लग गये ।
कृष्णा ने अपनी बुक निकाली और पढाने बैठ गया और कृष्णाे के पापा सायकिल स्टोयर को साफ किया और नई तरीके से खोजने लगा अपनी पूरी महनत से एक नई सायकिल का अविष्काईर किया फिर एक भिखारी को सायकिल चलाने के लिए दिया पूरा दिनभर सायकिल से घूमना शाम को पैसे दूगा जिससे सायकिल स्टोयर का नाम लोगोको पता चलनेलगा कुछ ही दिनो में सायकिल स्टो्र का नाम फैमश हो गया अब सायकिल स्टोहर सायकिल शोमरूम बन गया इधर कृष्णा भी अपनी पढाई में मन लगाकर पढाने लगा था 8वी कलास में कृष्णाभ 1प्रथमदर्ज मे प्राप्ता हुआ ।

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