Kbtak

तू रुकेगा कबतक तू झुकेगा कबतक तू थमेगा कबतक तू सहेगा कबतक खुद को तू जान ले न कोई तेरा मान ले जीना तुझे है अगर तो रोज़ मरना जान ले कबतक हां कबतक ,कबतक हाँ……