hui sham phir lagi talab

हुई शाम फिर लगी तलब
हुई शाम फिर लगी तलब,
चला रे मैं तो चला क्लब |
फुल्ल नाइट मैं करूँगा मस्ती,
टेस्ट करूँगा माल गजब ||1||
लेआरे मेरे भाई पिला दे, पैग बना दे,
पैग मेरा तू हार्ड बना दे |
आज पियूँगा दबा-दबा के,
मस्त नजारा है साकी |
मेरादिल इश्क में भींगा, हुआ नशीला,
देख के तेरा हुस्न छबीला |
लड़की तेरी अनुपम लीला,
कोई कसर न है बाकी |
चूरहूँ आज नशे में, मौज मजे में,
चल रे बेबी मेरे संग में |
कर दू तेरे पूरे सपने,
बन जा तू मेरी दासी ||2||
मैं हूँ बंदा बड़ा नवाबी,
लड़की तेरा फिगर शबाबी |
नजर करे तेरी काला जादू,
तूने दिल में आग लगा दी |
ट्रस्ट तू कर ले मुझ पे अब,
बाकी तो झूठे हैं सब |
नखरे करना छोड़ दे छोरी,
तुझे दिखाऊँ लाइफ अजब ||
शिवराज सिंह परिहार

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