JUNOON EK FOOTBALL

                                                                           

कहानी के विषय

 

  1. 1. कहानी फूटबोल की सत्य घटनाओ से प्रेरित होकर लिखी गई है की फूटबोल के मेदन में

   जिस तरह खिलाडी विरोधी खिलाडियों से व्यहवार करते है उनके इस व्यहवार को देखते

   हुए इस कहानी को लिखा गया  है  |

 

  1. 2. विश्व में फूटबोल के प्रति लोगो का किस तरह का प्रेम है और भारत देश में लोग

    किस हद तक फूटबोल के दीवाने रहते है वो सच्चाई इस कहानी में बताई गई है

 

  1. भारत में खेल जगत के खिलाडी और सिपाही केसे अपने देश के लिए खड़े रहते है

   वो सच्चाई इस कहानी में बताई गई है |

 

  1. भारत एक बार भी फूटबोल वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाया और यदि वर्ल्ड कप में खेले तो

   किस तरह वो जीत हासिल कर सकता है वो भी कहानी में बताया गया    

 

  1. भारत देश ने कारगिल की जंग में जितने भी नोजवान सिपाही शहीद हुए थे उनोहने

   अपने बच्चपन में खेल खेले होंगे या किसी ने सोचा होगा की वो भी फूटबोल का खिलाडी

   बने मगर

 

  1. देश प्रेम ही कुछ ऐसा था की खिलाडी न बन कर सिपाही बन देश की रक्षा के लिए

        अपने प्राणों की आहुति दे दी वो सच्चाई इस कहानी में बताई गई है

 

                      जूनून एक फूटबोल                       

 

कहानी में जिसका जो भी किरदार है उसको उसके किरदार से ही पुकारा गया है किसी भी  किरदार को नाम नहीं दिया गया है

 

व्याख्या =  यह कहानी फूटबोल खिलाडियों पर लिखी गई है जो खेलते समय अपने पिछले

          जन्म की यादो में चले जाते है इसी उलझन को सुलझाते हुये उन्हें अपने पिछले

          जन्म के बारे में पता चलता है की उनका असली मकसद क्या है

किरदारों की भूमिका

1 खिलाडियों को A B C D के नाम से पुकारा गया है

2   6 सदस्यों का मेनेजमेंट बोर्ड होता है

3 टीम का कोच

4 बोर्ड का एक विरोधी सदस्य विलेन के किरदार में

5 डोक्टर, मनोचिकित्सक, और ज्योतिष

6 खिलाडियों की महबूबा = पत्रकार लड़की, डोक्टर लड़की मॉडल लड़की, और आम लड़की

7 खिलाडियों के घर वाले

8 गाँव वाले और मास्टर जी   

9 मिडिया वाले

भारतीय फुटबोल की टीम उस टीम के चार खिलाडी बार बार मैदान में लड़ने की वजय से

काफी चर्चा में रहते है उन चारो खिलाडियों में इतनी समानता होती है की ऐसा लगता है की

वह लड़ाई की योजना पहले से ही बना कर आये हो |

 

वह फुटबोल को खेल की तरह नहीं एक सीमा विवाद की तरह खेलते है उनको ऐसा लगता है

की जेसे मैदान में कोई जंग होरही है उनको खेलते समय बार बार गोला बारूद नजर आता है

पूरी टीम उन चारो खिलाडियों पर निर्भर रहती है उनका कोच भी चारो खिलाडियों पर ज्यादा

ध्यान दिया करता है उन खिलाडियों को लगता है की हमारा कोच हमें जंग के मैदान में भेज

रहा है चारो खिलाडी खेलते समय बार बार फोजीयो की तरह हरकते करने लगते है

 

मैदान में खिलाडियों को गोला बारूद और लड़ाई नजर आने लगती है वह गोल करने के साथ

साथ सामने वाली टीम के खिलाडियों को बुरी तरह जखमी कर देते है जितने के बाद अपने

आप हाथ मिलाना और गले लग कर जताना की उनको कुछ हुआ ही नहीं था टीम के बाकि

खिलाडी और कोच सोचते है की इस तरह की हरकते चारो खिलाडी क्यों करते है    

बोर्ड   =  के सदस्य चारो खिलाडियों को समझाने के लिए अपने पास बुलाते है चारो

         खिलाडियों को पहले भी कई बार समझाया गया होता है और अब आखिरी बार

         उनको समझाया जाता है

बोर्ड   =  के सदस्य कहते है  

                   तुम चारो का यही बर्ताव रहा तो हमारी टीम के साथ कोई भी खेलने के

         लिए तेयार नहीं होगा | लेकिन तुम चारो को यह समझ नहीं आता की हमारे

         लिए यह टूनामेंट जितना कितना जरुरी है और वर्ल्ड कप टूनामेंट में जाने के लिए

         यह हमारे लिए आखरी मोका है

खिलाडी = बोर्ड को ऐसा जताते है की उन्होंने जेसे कुछ किया ही नहीं है  

खिलाड़ी A  बोलता है

                    बेवजा हम लोगो पर यह इल्जाम लगाया जा रहा है भला हम क्यों किसी से

         लड़ाई करेंगे |  

खिलाडियों को दुबारा रिपीट कर मैच दिखाया जाता है तब उनको पता चलता है उनोने मैदान

में सामने वाली टीम के खिलाडियों को बुरी तरह घायल किया है मगर वो यह सोचने में लग

जाते है की हमने यह सब कब किया जब रेफरी उनको मैदान से बहार करता है तो उनको

समझ नहीं आता की उनको मैदान से बहार क्यों किया गया है |        

        चारो एक दुसरे की तरफ देखने लग जाते है मगर खिलाडियों को कुछ याद नहीं

        होता है बोर्ड की मीटिंग से बहार आने के बाद वह अपनी बातो में खो जाते है अब

        टीम के बाकि खिलाडी भी उनसे दुर सा रहने लगते है

टीम का एक खिलाडी उनचारो से पूछता है

                 यार तुम चारो को क्या हो जाता है ऐसा क्यों करते हो|

खिलाडी B=बोलता है  

                  हमने कभी तुझ से पूछा की तू गोल क्यों नहीं करता है चल जा अपना काम कर   

खिलाडी= चारो  अब सोचते हुए एक दुसरे से बोलते है

                 हम इस तरह केसे लड़ सकते है लेकिन हमने यह सब कब किया होगा और क्यों       

         और हम चारो में से किसी को भी यह याद क्यों नहीं है

 

बोर्ड  =  मजबूर भी होता है की उन चारो की वजय से ही टीम को जीत मील पाती है अब

        वर्ल्ड कप टूनामेंट की घोषणा भी हो जाती है  की भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्सन

        की वजय से भारतीय टीम भी वर्ल्ड टूनामेंट में खेलेगी |

 

खिलाडी =   बोर्ड के अध्यक्ष का बेटा होता है जो टीम के कप्तान की भूमिका निभाता है

             वह अपना आदर्श कोच को मानता होता है

पहले के दसको में भारतीय फूटबोल की टीम में अध्यक्ष और टीम का कोच एक साथ साथ

खेलते थे कोच भी अपना ज्यादा समय कप्तान को समझाने और उसको ट्रेनिग में लगाता  

होता है 

 

कोच   =   की बेटी जो खिलाडीA की महबूबा होती है और वह एक पत्रकार

           के किरदार में अपनी भूमिका निभाती  है

खिलाडी B = की महबूबा एक डोक्टर के किरदार में होती है

खिलाडी C = की महबूबा एक मॉडल होती है

खिलाडी D = की महबूबा एक आम लड़की होती है

 

अब चारो खिलाडी कई बार मैदान के बहार भी कुछ फोजीयो के जेसी हरकते करने लगते है दूसरा और कोई व्यक्ति उनको देखता तो वो घबरा कर भाग जाता की इनको क्या हो गया |

 

चारो खिलाडी अब अपनी अपनी महबूबाओ के साथ अलग अलग जगह घुमने के लिए जाते है अब चारो खिलाडी अलग अलग होने के बाद भी अपने अंदाज में फोजीयो के जेसी हरकते करने लगते है

 

पत्रकारलड़की खिलाडी A से बड़े रोमेंटिक होकर बोलती है

          अच्छा की यह बताओ की तुम मुझे ज्यादा प्यार करते हो या अपनी फूटबोल को

खिलाडी A = अपने फोजी वाले अंदाज में बोलता है  

           में अब सिर्फ अपने देश से प्यार करता हु

                      चाये इसके लिए मेरी जान ही क्यों न चली जाये इन घुस्पेटियो को हम खदेड़ के ही रहेंगे

          हमारी जमी पर कोई कब्ज़ा नहीं कर सकता |कोई हमारी म्त्र्भूमि पर गन्दी निग्ये डालेगा

          तो उनको हमारी गोलियों से कोई बचा नहीं पायेगा |

अब खिलाडी B की बरी होती है

डोक्टर  = लड़की खिलाडी B से पूछती है

         हमारे बारे में कुछ सोचा है की हम शादी कब करेंगे और कभी कभी फ़ोन भी कर लिया    

         करो माना की तुमको टाइम नहीं मिलता कम से कम एक बार तो मिलाने आही सकते हो

खिलाडीB   पहले तो काफी देर तक चुप चाप डोक्टर लड़की की बाते सुनता रहता है फिर अचानक से  

खिलाडीB   अपने फोजी वाले अंदाज में बोलता है

          शादी तो जंग जितने के बाद ही होगी और सबो के सामने आर्मी के जवानो की तरह

          हरकत करने लगता है जेसे उसको कोई आदेश मिला हो में लेफ्ट राईट करने लगता है  

अब खिलाडी C की बरी होती है

मॉडल     लड़की खिलाडी C से बोलती है

          कभी कभी टाइम निकाल कर मुझसे मिलने भी आया करो न कोई फ़ोन करते हो

          अगले हफ्ते मेरा शो होने वाला है तुम जरुर आना नहीं तो में तुम से बात नहीं करुँगी  

खिलाडी C  अपनी महबूबा से बोलता है

                      अगले हफ्ते का कोई भरोसा नहीं मुझे कभी भी मैदाने जंग के लिए जाना सकता पढ़ है

          एक एक घुस्पेटियो को खदेड़ना होगा |

अब खिलाडी D की बरी होती है

आम लड़की = खिलाडी D से बाते करते समय गले लगने की कोशिस करती है मगर

खिलाडी D =   अपनी महबूबा से बाते करते समय इतना डिसिप्लिन दिखाता है की वो परेसान हो

             जाती है |

और साथ साथ यह बोलते है की यदि कोई हमारी म्त्र्भूमि पर गन्दी निगय्हे डालेगा तो हम उसको अपनी गोलियों से मार देंगे ये हमारा कर्म ही नहीं हमारा धर्म भी है   

 

पहले लड़किया समझती होती है की शायद ये हमे परेसान कर रहे है काफी देर बाद लडकिया

उन चारो को अकेला छोड़ कर चली जाती है

अब चारो लडकिया एक एक कर टीम के कोच से मील कर बोलती है पहले

पत्रकार  =लड़की अपने पिता कोच से बोलती है  

         शायद आपका खिलाडी A पागल हो गया है  

         जब से कैप्टेन बना है बार बार अजीब सी हरकते कर रहा था की जेसे में  

         किसी फोजी से बाते कर रही हु | हमेशा दुश्मनों को मार गिराने की बाते करता है

        और पता नहीं कोन से लोग जमीन पर कब्ज़ा करके बैठे है वो ये सब बोल कर

        चली जाती है   

 

डोक्टर  = लड़की  कोच को मिलती है और खिलाडी B के बारे में बोलते हुए कहती है

         सर शायद आप अपने खिलाडियों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हो अजीब अजीब सी

         हरकते करता है सुना है की मैदान में भी कुछ इसी तरह की हरकते करता है और

         अब मैदान के बहार भी पता नहीं की वर्ल्ड कप टूनामेंट केसे जीतेगे कहकर चली

         जाती है

  

मॉडल  = लड़की कोच को कहती है  

         सर आप अपने खिलाडियों को किसी जंग में भेज रहे है क्या मरने मारने की

         बाते सिखाते है ऐसा लगता है जेसे कोई फोजी मैदाने जंग की तेयारी कर रहा हो

         वो भी यही कहकर चली जाती है  

 

आम   = लड़की कोच को फ़ोन कर बोलती है

         सर शायद आपका खिलाडीD पागल होगया है

         आपका डिसिप्लिन मैदान के बहार नहीं होना चाहिए क्या अपने उसको बताया

         नहीं की मैदान के बहार एक आम आदमी की तरह रहना चाहिए |   

 

इसी तरह चारो लड़कीयो का कहना यही होता है की इनका बर्ताव कुछ अजीब स होता जा 

रहा है पहले तो मैदान में यह लड़ते है मगर अब तो मैदान के बहार भी उलटी सीधी हरकते

करते है ऐसा लगता है की हम किसी फूटबोल खिलाडी से बाते नहीं बल्कि किसी फोजी से

बाते कर रहे है

 

हमेशा जंग की बाते करते रहते है इनकी बातो से ऐसा लगता है की शायद हिंदुस्तान के बोर्डर पर जंग हो रही है और यह वहा जाने के लिए बेताब हो |

 

अब चारो खिलाडी अपने अपने परिवार के प्रति भी अजीब सी हरकते करने लगते है वह

खेल के मैदान से अपने घरो में बात करने के लिए चिठिया लिख कर पोस्ट करते है जबकि

इन्टरनेट और मोबाइल फ़ोन का जमाना होता है

चारो खिलाडी = एक दिन अपने अपने घरो से मैदान के लिए जाते समय आर्मी की ड्रेस

              पहन लेते है और अपने  परिवार वालो से बोलते है हो सकता है की

              या तो  तिरंगा लहराकर आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटा हुआ  

              आऊंगा लेकिन आऊंगा जरुर ये जिन्दगी देश के नाम कर दी है

परिवार वाले  = देखते रह जाते है की ये आज क्या बोल कर जा रहा है

परिवार वाले =  एक एक कर चारो खिलाडियों के ( कोच को बताते है) की आजकल

 

खिलाडी B  = के घर वाले हमारे बच्चे पर बहुत जिम्मेदारी हो गई है इस लिए वो हमें फ़ोन

            करने की वजय चिठिया लिखते है सर आज तो आर्मी की ड्रेस में गया है और

            बोल रहा था की शायद वापस न आ सकु |ये जिन्दगी देश के नाम कर दी

            हमें पता है की ये देश के लिए खेलता है मगर हमारे जिगर का टुकड़ा है और

            पता चला है की ये मैदान में भी लड़ाई की है   

खिलाडी Cके परिवार के लोग बोलते है  

            काफी दिनों से यह हमसे कुछ अजीब तरीके से बाते

            कर रहा है इनकी बातो से ऐसा लगता है कि यह किसी जंग की बाते कर रहे  

            हो और चिठीया लिखने की बात जरुर बोलते है मैदान से हमें चिठ्ठी लिखी है

            क्या आप हमारे बच्चो से हमें बाते भी नहीं करने दोगे ऐसा बोलकर फ़ोन काट   

            देते है     

खिलाडी D  = के परिवार के लोग,  कोच से बोलते है  

            हमारा बेटा देश के लिए तो एक फूटबोल

            खिलाडी है मगर इनका ध्यान  गोला बारूद में ज्यादा है ऐसा लगता है

            की किसी जंग पर जा रहा हो |अब तो यह अपने लिए मिलिट्री की ड्रेस भी

            लेकर आया है

खिलाडी A  = भी अपने पिता को बोलता है

            मुझको जंग पर कब जाना है बल्कि उसको

            अपने नये टूनामेंट वर्ल्ड कप के लिए तेयारी करनी होती है

            पिता उसकी इस बात को सुन कर अचम्बे में पड़ जाते है की यह क्या बोल

            रहा है वो इस बात को लेकर कोच से बात करते है

 

जबकि चारो को वर्ल्ड कप की तेयारी करनी थी |

अब कोच के पास चारो खिलाडियों की सारी हरकतों की खबर होती है वो चारो खिलाडियों को

मैदान में अभ्यास के दोरान अपने पास बुलाता है चारो खिलाडी सोचते है की कोच सर ने हम चारो को ही क्यों बुलाया है वो चारो आकार खड़े होते है

 

कोच   =   चारो खिलाडियों को बोलते है  

           आजकल तुम चारो क्यों ऐसी हरकते करते हो

           क्यों तुम लड़कियों को परेसान करते हो और साथ साथ अपने घर वालो को भी

           में आजकल देख रहा हु की तुमारा सारा ध्यान खेल में कम और लड़ने में

           ज्यादा रहता है और ये जंग की बात क्या है कोन सी जंग की तेयारी कर रहे

           हो हमको वर्ल्ड कप में खेलना है किसी से लड़ना नहीं है और मैदान में अच्छे

           से रहना नहीं तो तुम्हे पहले ही बोर्ड की तरफ से आखरी चेतावनी मिली है

 

चारो खिलाडी एक दुसरे की तरफ देखते है और कोच के सामने बोलते है सर कुछ भी ऐसा

नहीं हुआ है की हमको सर्मिन्दा होना पड़े |

 

 

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