Tere Naam Return……Radhe is Back

शैली (Genre): – एक्शन, रोमेंटिक, ड्रामा,
प्रेमिस (Premise): – प्यार किया तो डरना क्या.
थीम (Them): – राधे की निर्जरा उसे छोड़ इस दुनिया से चली गई तब राधे सब छोड़-छाड कर आश्रम में रहे रहा था. यह देख जरुर निर्जरा को बहोत दुःख होरा होगा. इस लिए राधे को चाहिए के वह खुश रहे.

यह कहानी हैं राधे और रूद्र की, राधे के बारें में आप सब जान ते हैं. रूद्र राधे की तरह था. दिल का नेक, हर किसी की मदत करने वाला, और अनजाने को आपना समझ ने वाला लड़का था. रूद्र अपने माँ-बाप का एकलौता बेटा था. रूद्र पहली क्लास से बारावी क्लास तक बेहत शरीफ और शांत लड़का था. रूद्र ने आगे की पढाई के लिए दूसरे कॉलेज मैं अपना एडमिशन लिया. आज कॉलेज का पहला दिन और रूद्र का पहला झगडा दोनों की शुरवात आज से हो गई. रूद्र ने मार-पीट की शुरवात यह कहेकर शूरो की.
रूद्र:- मै एक शांत समुद्र था तुने मुझे छेड़ा अब-देख कैसा तूफान लाता हूं. तुझ में हिम्मत हैं तो मेरे तूफान को रोकले.
रूद्र की फाइट देख सारी लड्कियं रूद्र पर फ़िदा हो गई, और लड़के रूद्र से डर ने लगे. फ़ौरन चार लड़के रूद्र के पास आकर कहते हैं. भाई तुम हमें अपना दोस्त बनाओगे क्या?. रूद्र मान जाता हैं और वह चार लड़के अपना तारुफ़ करवाते हैं. उन चारों के नाम. १.पाटिल, २.आसेफ, ३.रोहित, ४.रमेश. यह पांचों लड़के एक साथ मिलकर रहते हैं. इनका ग्रुप लीडर रूद्र था.
इन पांचों से पहले सीमा नाम की एक लड़की ने एडमिशन लिया. सीमा हर्किसीसे मज़ाक किया करती थी. सीमा पाटिल के कॉलोनी में ही रहेती थी. पाटिल सीमा से दिल ही दिल में बेहत प्यार किया करता था और किसी से भी इस बात का इज़हार नहीं किया. कुछ दिनों बात ऐसा वक़्त आ गया जिसकी वजह से पाटिल को अपने प्यार के बारें में रूद्र को सब कुछ बताना पड़ा.
कुछ महीने गुज़र ने के बात एक दिन साहिल कॉलेज के बहार अपने दोस्तों का इंतेजार कर रहा था. उसने देखा के सीमा को कुछ लड़के परेशान कर रहे हैं थे. रूद्र ने उन सबको मार-भगाया. वंहा जमा सारे लड़के-लडकिय जिधर-उधर जा रहे थे तभी एक लड़की सीमा के पास आकर सीमा को अपने साथ लेकर चली गई. वह लड़की सीमा की सहेली थी जिसने आज ही कॉलेज में एडमिश लिया और आज ही रूद्र की मुलाकात उस लड़की से हुवी. रूद्र उस लड़की की पहली नज़र का शिकार हो गया.
उस लड़की ने सीमा से रूद्र के बारें में पुछा. सीमा ने रूद्र के बारें में बताया. सीमा को लगा वह भी रूद्र की दोस्त बने. इस लिए सीमा ने उस लड़की को बहार इंतेजार करने को कहा और सीमा अकेली रूद्र से मिलने चले गई.
सीमा:- रूद्र क्या तुम मुझे अपनी दोस्त बनाओगे क्या?.
रूद्र:- क्यूं नहीं भाभी.
सीमा:- भाभी मै तुम्हारी. पर कौन हैं जो मुझ से शादी करना चाहता हैं?.
तब रूद्र ने सीमा को पाटिल के बारें बताया सब-कुछ और एक प्लान करके सीमा और पाटिल को मिलवाया. इस तरह और कुछ महीने गुजर गए रूद्र उस लड़की को सबसे छुपाते-छुपते देखने लगा उस लड़की को भी बता नहीं लगने दिया. राधे आश्रम से बाहर नहीं जाने का मन बना लिया था. आश्रम में रहे कर वंहा के मरीजों की सेवा करने लगा. राधे अपने भाई-भाभी, रिश्ते दार किसी से भी नहीं मिलता था सिवा असलम के. असलम ही बार-बार राधे से मिलने के लिए आश्रम जाकर राधे को वापस लाने की कोशिश करता हैं पर राधे नहीं मानता.
कुछ दिन गुज़र जाने के बाद रूद्र सीमा और पाटिल से अपने प्यार के बारे मैं कहता हैं. सीमा रूद्र से कहती हैं पहले थोड़ी बहोत बातें करना होगी फिर तुम्हारी दोस्ती गहरी हो गई तब अपने प्यार का इज़हार कर देना कल मै उसे किसी तरह तुम्हारे पास लाती हूं तब-तुम उससे उस का नाम पुछलेना इस तरह तुम्हारी उससे बातों की शुरवात शुरों हो जाएगी.
अगले दिन सीमा उस लड़की को अपने साथ रूद्र के पास लाई. कुछ देर रूद्र ने डर के मारे कुछ बात ही नहीं की फिर कुछ देर बाद रूद्र ने उस लड़की का नाम पुछा. रूद्र के नाम पुछते ही वह लड़की बहोत गुस्सा हो गई और खरी खोटी सुनाकर चली गई. रूद्र वंही पर चुप-चाप खड़ा रहा. कुछ दिन बाद फिर दोबारा रूद्र ने अपने दोस्तों के कहने पर उस लड़की से बात करने की कोशिश की पर तब-भी उस लड़की ने रूद्र को बहोत बातें सुनाई और गुंडा कहा क्युंकी उस लड़की ने जब भी रूद्र को देखा तब-तब रूद्र किसीना-किसीके साथ मार-पीट करते नज़र आया था.
रूद्र के प्यार का किस्सा सुलझा नहीं था के एक और परेशानी आ गई. सीमा के पिता ने सीमा की शादी तय की यह बात रूद्र को पाटिल और सीमा ने बताई. सीमा के पिता वंहा के लीडर थे. रूद्र ने पहले शुरों पाटिल के घरवालों को पाटिल और सीमा के बारें बताया और पाटिल माँ-पिता को समझा कर शादी के लिए मनवा लिया. रूद्र पाटिल और सीमा को लेजाता हैं सीमा के घर सीमा के पिता से बात करने के लिए. रूद्र सीमा के पिता को सब-कुछ बतादिया लेकिन सीमा के पिता यह रिश्ते को मानने के बजाए इस रिश्ते को ही ख़त्म करना चाहते थे. सीमा के पिता ने अपने गुंडों को कहते हैं रूद्र और पाटिल को ख़त्म करने के लिए. रूद्र उन सब को मारकर सीमा और पाटिल को अपने साथ ले जाता हैं. पाटिल के माँ-पिता सीमा का दिल से अपने घर में स्वागत करते हैं और सीमा को आज से ही अपनी पेटी की तरह प्यार देने लगे.
रूद्र जिस लड़की से प्यार कर रहा था वह लड़की गांव को अपने कुछ काम से चली गई थी. यहां जो भी हुवा उसे आने के बाद पाटिल और सीमा ने बतलाया. सीमा के पिता का गुस्सा रूद्र के लिए दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहा था. सीमा के पिता ने एक प्लान किया रूद्र से अपना बदला लेने के लिए फिर रूद्र को फ़ोन किया.
सीमा के पिता:- रूद्र बेटा मै सीमा का पिता बात कर रहा हूं. तुम सही थे बेटा मै गलत था यह बात अब मेरी समझ में आ गई हैं.
रूद्र:- नहीं सर आप अपनी जगह सही थे. लेकिन अपनी औलाद के लिए माँ-बाप को ही सारी खुर्बानिया देनी पड़ती हैं. सीमा से आप की बात हुवी की नहीं.
सीमा के पिता:- मैंने ही उससे बात नहीं की हैं क्योंके मै उसे सरप्राइज देना चहाता हूँ तुम्हारे साथ मिलकर. इस लिए पहले तुम्हे फ़ोन किया हैं. अगर तुम अभी फ्री होतो क्या तुम मेरे घर पर आ सकते हो.
रूद्र:- हाँ सर मुझे अभी कुछ भी काम नहीं हैं मै फ़ौरन आपके पास आता हूँ.
रूद्र अकेला ही सीमा के घर चला गया. सीमा के पिता ने रूद्र को चाय में नशे की गोली मिलाकर दी. रूद्र को जैसे ही नशा आ गाया तब यह कहे कर बहोत पिटा, बेहद ज़ख़्मी किया. “तेरा दिमाग बहोत चलता है, आज से तु दुसरे के बारें में सोचना तो दुर तेरे खुद के बारें में सोंच नहीं पायेगा”. रूद्र को बेहद ज़ख़्मी हालत में रूद्र के घर के बाहर फेककर चले गए. रूद्र के घर वालों ने रूद्र को हॉस्पिटल ले गए वहां पर रूद्र का इलाज हुवा. रूद्र की यार्दाश्त्त चली गई थी सर पर जादा चोटे लगने की वजह से. वह लड़की सीमा से मिलकर रूद्र के बारें में पुछती हैं तब सीमा उस लड़की को गुस्सा करती हैं.
सीमा:- रूद्र तुझसे बेहद प्यार करता हैं उसकी बहोत आरजु थी तेरा नाम तुझसे ही उसे मालुम हो पर तुने तो तेरा नाम भी नहीं बताया उस बेचारे को. फिर भी वह तुझ से दिवानो की तरह महोबत करता था.
वह लड़की रोते हुवे :- मुझे रूद्र से पहली नज़र में ही प्यार हो गया था पर मेरी मजबुरी थी इस लिए मै रूद्र से दुर-दुर जाती थी. मुझे रूद्र से मिलना हैं क्या तुम मुझे उससे मिलवाओगी क्या?.
सीमा:- ठीख हैं हम दोनों मिलने जाएंगे रूद्र को लेकिन रूद्र को कल आश्रम ले जा रहे हैं इस लिए अगले दिन जाएंगे.
रूद्र की हालत को देखते रूद्र के पिता ने यह फैसला किया रूद्र का ईलाज जल्दी और सिर्फ आश्रम में ही हो सकता हैं इस लिए हॉस्पिटल में कुछ दिन गुजार ने के बाद रूद्र को आश्रम ले गए. रूद्र को जब आश्रम में शरीक कर रहे थे तब असलम राधे से मिलकर बाहर आ रहा था तब उस ने देखा एक लड़के के साथ उसके माता-पिता, दोस्त बहोत प्यार कर रहे थे और रो रहे थे. ठिक उनकी तरह जब राधे को वह आश्रम लाए थे. असलम चुप-चाप उनके पीछे-पीछे चला गया रूद्र के बारें में जानकारी हासिल करने के लिए. असलम ने सीमा से रूद्र के बारें में सारी मालूमात ली तब असलम को ऐसा लगा इस लड़के के ज़रिए राधे को बाहर ला सकते हैं.
सीमा कहती असलम से:- यह हमारा दोस्त हैं हर-किसी की मदत करता है, मेरा प्यार मुझे मिलवाया इस लिए यह हालत हो गई हैं. जिस लड़की के पिछे यह दीवानों की तरह मोहब्बत करता फिरता था वह लड़की आज इसे अपने प्यार का इज़हार करना चाहती हैं और यह इस हालत में हैं.
असलम दोबारा राधे के पास जा कर राधे से कहता:- अब तु बाहर मत आ तेरे जैसा एक लड़का यहां पर आ गया हैं. उस की भी एक निर्जरा जैसी प्रेमिका हैं. वह लड़की भी कुछ दिन उस लड़के का इंतेजार करेगी और हाताश होकर खुद-कुशी करलेगी फिर वह लड़का और तु साथ मिलकर इस आश्रम में रहेना.
राधे रूद्र को दुर से देख रहा था तभी वहां पर रूद्र से मिलने के लिए वह लड़की सीमा के साथ आती हैं.
वह लड़की रूद्र से कहती हैं:- रूद्र मेरा नाम पायल हैं और तुम मुझसे जितना प्यार करते हो मै तुम से जादा तुमसे प्यार करती हूँ. यह कहते हुवे पायल की आँखों में आंसू आजाते हैं. राधे पायल के पास आकर कहता हैं.
राधे:- मै इसे जरुर बाहर लऊँगा तुम इस का इंतेजार करना हार मत मन्ना.
राधे की महेनत और आश्रम की दवा से कुछ महीनों में ही रूद्र ठीख हो कर राधे के साथ आश्रम से बाहर आता हैं. आश्रम से बाहर आते ही सबसे पहले राधे उस चकले वाले का चकला बंद करके उसको हमेशा के लिए हवालात में डालता हैं. वंहा पर रूद्र को एक लड़की मिलती हैं जिसका नाम भुमी था. वह अनाथ लड़की थी अपने रिश्तेदार के पास रहेती थी. आज ही उसे उस के रिश्तेदार ने उससे उस चकलेवाले को बेच दिया.
असलम ने राधे से कहा उस लड़की को तु अपने साथ अपने घर कुछ दिन के लिए रहने दे आगे देखेंगे. राधे उनकी बात मान जाता हैं.
रूद्र से सबने यह बात छुपाई के पायल उससे प्यार करने लगी हैं. राधे के साथ सबने मिलकर रूद्र को सरप्राइज दिया. कुछ महीने गुज़र गए फिर एक मुसिबत आ गई पायल के पिता ने पायल को अपने साथ लेकर चले गए. पायल की शादी करने के लिए उन्हों ने एक विदेश में रहने वाले लड़के से पायल की शादी तय की.
राधे पायल के पिता से मिलकर पायल और रूद्र के बारें में बताता हैं लेकिन पायल के पिता यह रिश्ते के लिए ना कहते हैं. राधे उनसे कहेता हैं. पायल की शादी होगी सिर्फ रूद्र से वह भी आप के तय किए हुवे महोरत पर आप ही के घर में. राधे की यह बात सुनते ही पायल के बिता राधे को मरने को कहते हैं अपने गुंडों से लेकिन राधे ही उन सब को बहोत पिटता हैं.
पाटिल रूद्र से कहता:- तु ने जैसा सीमा के घर पर सबकी छोट्टी की थी ठिक उसी तरह भाई ने भी आज सबकी छोट्टी की.
रूद्र:- मुझे एक ने भाई का पुराना किस्सा सुनाया था. तब मैंने भाई की तरह एक्शन किया था.
पाटिल:- सही हैं इस लिए पुरा शहर भाई से डर ता हैं.
राधे:- रूद्र मैंने एक प्लान किया हैं उस लड़के को और लड़के के बाप को मै किडनैप करके तुझे उसकी जगह भेजने का. लड़का हमारी गिरफ्त में रहेगा तो उसका बाप मुह नहीं खोलेगा. रूद्र मुझ पर भरोसा रख मै ऐसा कोई भी काम नहीं करूंगा जिस से पायल के पिता को यह न लगे के मैने बुज्दील की तरह तेरी शादी पायल से करवाई.
राधे के प्लान के मुताबिख लड़के को और लड़के के बिता को किडनैप करके के रूद्र को दूल्हा बनाकर लड़के के पिता के साथ बेझ दिया. राधे और असलम हुल्लिया बदल कर दुल्हे के रिश्तेदार बनकर रूद्र के साथ आ गए.
शादी के दिन कुछ गुंडे आते हैं पायल के पिता को मारते हैं और पायल को कुछ गुंडे जकड़ ते हैं. इतने में रूद्र आता हैं और उन गुंडों से अकेला ही भीड़ जाता हैं लेकिन रूद्र को एक गुंडा सरपर रॉड मार-कर घायल कर दिया. रूद्र को घायल देख पायल उनसे कहती हैं. तुम्हारी दुश्मनी मेरे पिता से हैं इस लिए मुझे सजा दो उसे झोड़ दो. कुछ देर बाद राधे वंहा आता हैं और पायल के पिता से कहता हैं.
राधे:- आप ने जिस लड़के को नापस्दं किया था वह यंही लड़का हैं. आप ने देखा इसने अपने जान की परवा ना करते हुवे पायल की खातिर अपनी जान जोखिम में डालदी. अगर आप को अब भी लगता हैं पायल के लिए रूद्र सही नहीं हैं तो मै रूद्र को ले जाता हूँ.
पायल के पिता:- राधे रुकजाओ रूद्र की दुल्हन को भी अपने साथ ले जाओ. लेकिन इन गुंडों का क्या?.
राधे:- आप इनकी चिंता छोड़ दीजिए. इन्हें तो सिर्फ मेरी नज़रें ही काफी हैं. रूद्र अपने प्यार के लिए मार खा रहा था इस लिए मैंने तुम्हे रोका नहीं वरना अब-तक तुम्हारे चौथे का प्रोग्राम की तयारी शुरू हो गई होती थी.
इस तरह रूद्र की शादी पायल से करवादी राधे ने और राधे की शादी हो गई भुमी से हैप्पी एंडिंग.

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