Vijay

यह कहानी एक ऐसे योद्धा की है कि जो  अपने मां-बाप का वचन पूरा करने के एक डॉक्टर बनना चाहता है और एक बड़े घराने से होते हुए भी सामान  परिवार का जीवन जीने के लिए मजबूर होता है या फिर कहें कि वह अपने वचन का पालन करता है।

एक ट्रेन बहुत धीमी गति से रेलवे जंक्शन झांसी पर रूकती है जिसमें  दो दोस्त विजय और कीर्ति प्लेटफार्म नंबर 3 पर अपना सामान ले कर उतरते हैं . विजय पहली बार गांव से आता है  उसको Platform बहुत बड़ा लगता है और कीर्ति , विजय से कहता है कि यह बहुत बड़ा स्टेशन है दोनों लोग सामान लेकर धीरे से प्लेटफार्म नंबर एक से होते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर आते हैं.

कीर्ति विजय से सात आठ साल बड़ा होता है और गांव में सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा भी होता है. किसी को यह पता नहीं रहता है कि कीर्ति ने‌ १२ तक  ही पढ़ाई की है और किसी कारणवश एक 2 साल जॉब करके करके उसको पिता की देखभाल करने के लिए अपने घर आना पड़ता है . पूरे गांव में बताता है कि मैंने कानपुर में मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर के पद पर जॉब की है. दोनों लोग जैसे ही स्टेशन के बाहर आते हैं .  स्टेशन के सामने जैसे ही आते हैं वहां डीजल और सीएनजी ऑटो खड़ी होती हैं और उनके चालक बाहर खड़े होकर बस स्टैंड मेडिकल कॉलेज सीपरी बाजार चिल्ला रहे होते है.

तभी एक ऑटो ड्राइवर से कीर्ति पूछता है की मेडिकल कॉलेज जाने के कितने रुपए लोगे . driver- ₹10  लूंगा साहब. कीर्ति के पास 2 बैग होते हैं 1 बैग विजय के पास होता है दोनों लोग तीनों बेगौं को ऑटो में रख कर मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए ऑटो में बैठ जाते हैैं । उनका पहनावा झांसी सिटी से लगभग 10 से 15 साल पुराना होता है इसका कारण लोगों को थोड़ा अजीब लगता है।

जैसे ही वह लोग इलाइट चौराहे के पास आते हैं तभी अचानक देखते हैं वहां बहुत सारी भीड़ जमा होती है, वहां क्या देखते हैं कि एक के महिंद्रा क्लासिक गाड़ी एक के स्विफ्ट डिजायर से टकरा जाती है। तभी एक स्विफ्ट डिजायर से लड़की इसकी उम्र 21 साल के लगभग होगी वह बाहर निकलती है और गुस्से से दरवाजा खोलती ‌है और  उन महिंद्रा क्लासिक वालों को बोलती है जिसमें ४ – ६ बंदे बैठे होते हैं और जो किसी भी एंगल मैं एक अच्छे परिवार के नहीं लगते हैं किसी के बाल बढ़े हुए , किसी का पेट निकला हुआ, किसी की बहुत बड़ी मूछें और उनके हाथ में एक हैंड बैंड भी होता है जो कि यह इशारा करता है कि वे एक बड़े ग्रुप लीडर से बिलॉन्ग करते हैं । वह लड़की बिना कुछ सोचे समझे उन लोगों को बहुत सारा बोल देती है जैसे कि तुम्हें कुछ दिखता नहीं है क्या ?  लड़के उस लड़की से बुरा व्यवहार करने की कोशिश करते हैं तभी उनमें से एक उस लड़की को एक झापड़ मार देता है और बात आगे बढ़ जाती है तब उस लड़की को समझ आता है कि मुझे इन लोगों से नहीं लड़ना चाहिए तभी वह पुलिस को फोन करती है और चारों तरफ बहुत सारी भीड़ जमा हो जाती है और किसी की हिम्मत नहीं होती है दबंग लोगों को लड़की से बुरा व्यवहार करने के लिए कुछ बोलें तभी ट्रैफिक हवलदार आता है और उन लोगों से बोलता है कि तुम क्या कर रहे हो तुम लोगों को एक लड़की पर हाथ उठाते हो शर्म नहीं आती है और वह अपना वायरलेस हेड क्वार्टर  से कनेक्ट करता है या एक प्रॉब्लम क्रिएट हो गई है तभी लोगों में से एक ट्रैफिक हवलदार को बताता है कि हम जूनागढ़ से हैं और धीरेंद्र प्रताप सिंह के आदमी हैं । यह सुनकर ट्रैफिक हवलदार भीड़ को शांत करता है और पीछे हट जाता है । विजय जो इस लेखन का प्रमुख पात्र नायक है आगे बढ़ता है कीर्ति उसे समझाता है कि यार आगे मत जा प्रॉब्लम हो सकती है क्योंकि यह बड़ा सिटी हमारा गांव नहीं है और तू यहां झगड़ा करने के लिए नहीं आया है यहां तुझे मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए भेजा है उसे तू पढ़ा नहीं करता है तो तेरे पापा से मैं तेरी शिकायत करूंगा लेकिन विजय ऐसा नहीं सुनता है और पॉकेट से रुमाल निकाल कर उसको हाथ में लेता है और उसको खोलते हुए मुंह में बांध लेता है  ताकि उसका चेहरा कोई पहचान ना पाए इसके बाद उसमें से जो लीडर होता है उसको बोलता है तुम को समझ में नहीं आता लड़की पर हाथ उठा रहे हो यदि मर्द पर उठाओ तो जानू ,क्योंकि वह हमेशा उसकी मां द्वारा उसको सिखाया जाता है कि हमेशा लड़कियों का सम्मान करो ।

गुंडों का लीडर

 इस एरिया में जिंदा‌  रहना चाहता है तू तो यहां से चला जा तू नहीं जानता कि हम कौन हैं यदि  जानता होता तो सामने नहीं आता।

विजय

तुम नहीं जानते कि मैं कौन हूं पहचानते हो तो तुम ऐसी बात नहीं करते हैं मैं तुमको दो ऑप्शन देता हूं । पहला यह कि तुम  इस लड़की से माफी मांगो , सेकंड नहीं तो पास में जो कमला हॉस्पिटल है उसमें 5 बेड बुक करा लो।

गुंडों में से एक

तुम्हारा दिमाग खराब है हम‌लोग 6 लोग हैं 5 बेड में क्या होगा। भाई यह पी रखा है लगता है‌, इसलिए इसकी हमारे सामने नहीं फट रही है।

विजय

मेरी फटती तो केवल घर वालों के सामने हैं,  बाहर वालों की तो मैं फाटता हूं।

विजय

क्योंकि तुम 6 लोगों में सिर्फ 5 लोग ही बचेंगे छठवां तुम्हारे कंधों पर जाएगा  ।

इसके बाद वहां एक जबरदस्त फाइट होती है और उसमें विजय सभी 6 गुंडों को मारता है और लड़की को बचाता है  ।लास्ट में सभी गुंडा लोग लड़की से माफी मांगते हैं।

वह लड़की जिसका नाम रिचा होता है विजय के पास आती है थैंक्स बोलती है। आपकी मेरी हेल्प करने के लिए धन्यवाद। तब तक रिचा की एक फ्रेंड जिसका नाम ज्योति होता है उसके पास आती है।

ज्योति

क्या हुआ तुमको इतनी भीड़ जमा क्यों हो गई है  और विजय की तरफ इशारा करके कहती है क्या यह लड़का तुमको परेशान कर रहा है ? विजय को इसलिए बोलतीे है क्योंकि उसका पहनावा थोड़ा गांव की तरह होता है और उसे विजय को समझने में दिक्कत हो जाती है।

रिचा

नहीं यार इसी ने तो मुझे गुंडों से बचाया है और तुम इसी को डांट रही है।  सॉरी मेरे फ्रेंड को माफ कर देना । यह थोड़ा दिमाग से खिसकी है क्योंकि इसके पापा फौज में है।

ज्योति

सॉरी फॉर माय बिहेव ।

कीर्ति

क्या लड़कियां हैं अच्छा करो तो बुरा मानती है इससे अच्छा तो हमारा गांव  है कम से कम वहां की तो इतनी बुरी तो नहीं होती ।

विजय और कीर्ति वापस दोनों वापस दोनों ऑटो में बैठ जाते हैं फिर बस स्टैंड,  जेल चौराहा से होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंच जाते हैं। जैसे ही वह लोग महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी (एम एल बी) पहुंचते हैं उससे पहले वहां सीनियर अपने जूनियरों को वेलकम करने के लिए तैयार होते हैं विजय की तरह ही 75 – 80 ‌फेसर वहां पहुंच‌ चुके होते हैं और कुछ आ रहे होते हैं।

कॉलेज सीनियर

फोर्थ ईयर ,थर्ड ईयर एंड सेकंड ईयर  के सभी स्टूडेंट रात को मीटिंग करते हैं और डिसाइड करते हैं कि नये स्टूडेंट आने वाले हैं उसके लिए हम को अपने बीच में से कुछ जूनियर फर्स्ट ईयर मैं मिक्स करने होंगे । ताकि वे डिसिप्लिन, सीनियर और जूनियर के बीच होने वाले संबंध के बारे में सीख सकें। और यह काम सेकंड ईयर वालों को दिया जाता है कि आप लोगों में से कोई दो लोग फर्स्ट ईयर में मिक्स होंगे और वह अपने आप को फर्स्ट ईयर का बताएंगे और यह तब तक चलेगा जब तक कि वह हमारे और उनके बीच में से रिलेशन और डिसिप्लिन को ना सीख लें ।

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विजय कीर्ति के साथ जाकर  एडमिशन लेता है और हॉस्टल में रूम नंबर अलॉट करवाता है।जब कीर्ति विजय को कॉलेज में एडमिशन और हॉस्टल में रूम अलॉट  करवा देता है उसको बोलता है कि मैं एक-दो दिन मैं वहां से चला जाऊंगा।

विजय

जैसे ही उसका दरवाजा खोलता है देखते हैं एक बंदा उसकी चारपाई पर कुछ मेडिकल किट  के साथ छेड़छाड़ करता है।

अजय

मेरा नाम अजय है मैं भी फर्स्ट इयर से हूं और तुम शायद विजय होगे।

विजय

तुमको कैसे पता।

अजय

अरे मैं पहले से अलॉटमेंट को देख चुका हूं । और मैं जूनागढ़ के पास एक गांव है वहां से हूं वैसे तुम कहां से हो।

विजय

विजय के कुछ भी कहने से पहले ही कीर्ति थी बोल पड़ता कि हम जूनागढ़ के पास से ही हैं।

अजय

अरे कौन सा गांव

विजय

बेलगांव

कीर्ति

अरे तुमने गांव का नाम सही क्यों नहीं बताया।

विजय

यदि मैं गांव का नाम ठीक बता देता तो हमें हॉस्टल में रहना मुश्किल पड़ जाता । मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे गांव का नाम कोई जान पड़े और यदि कोई ‌जान गया तो रहना मुश्किल पड़ जाएगा। ए हमारे बाप बोले हैं कि मैं यहां गांव का नाम कभी ठीक नहीं बोलूं तो मेरी जान को खतरा हो सकता साथ में लोगों की जान को।

अजय

अरे तुम दोनों लोग कान में क्या बोल रहे हो।

विजय

अरे कुछ नहीं यार इसको गांव जाना है मैं सोचा था कि कल चला जाता तो ठीक रहता है ।

     शाम होती है आपके 12:00 से 12:30  बजे आते हैं सभी जूनियर खाना खा लेते हैं और सभी सीनियर हॉस्टल में आना शुरू हो जाते  हैं।

ग्रुप ऑफ सीनियर

सीनियरों में एक सीनियर बोलता है ऐसा करो सभी जूनियर को नीचे लाओ सभी लोगों को हाफ पैंट  और बनियान मैं नीचे आएंगे पहनकर आएंगें। आप लोगों को पता है कि हम लोगों ने किस लिए बुलाया है आपका पहला दिन हम सभी आप लोगों को वेलकम करते हैं यह अपना हॉस्टल है। यहां आपके ग्रुप में कोई नेता नहीं बनेगा सभी लोगों को कमांडो बैंड करो। Commando बैंड लव सिर्फ जमीन पर लगा हुआ और बंप ऊपर होना चाहिए। सीनियर लड़कों के साथ कुछ लड़कियां में आई होती तो सेकंड ईयर ,थर्ड ईयर ,फोर्थ ईयर की होती हैं। लड़कियों की बुद्धि ड्यूटी होती है थर्ड ईयर मेडिकल से होती है , जो देखने में सबसे ज्यादा एमएलबी कॉलेज में खूबसूरत होती है।

ज्योति

वह विजय को देखकर तुरंत समझ  जाती है और बोलती है लास्ट लाइन कॉनर  में जो चंपू है उसको जरा भेजना आगे।

रिचा

बोलती है यार यह तो अच्छा बंदा है इसने 2 दिन पहले मेरी हेल्प की थी कम से कम उसको छोड़ दे।

हॉस्टल सीनियर

आप सभी लोगों को सूचित किया जाता है कि आप लोग सभी लोगों को सुबह 5:00 बजे उठना है इसके बाद  तैयार होने के बाद आप लोगों को 7:00 बजे तक हॉस्टल कैंटीन में ब्रेकफास्ट करना है और आप को 9:00 9:00 बजे तक आपको अपनी क्लास अटेंड करना है। जब आप क्लास जाएंगे तो आपको फॉर्मल शर्ट, फॉर्मल पैंट और नीचे ब्लैक शूज हो होने चाहिए।आपके कमर में बेल्ट नहीं लगी होनी चाहिए।

फर्स्ट ईयर स्टूडेंट

जी सर ऐसा ही होगा सर। रात निकल जाती है सुबह हो जाती है।

रिचा

ज्योति से पूछती हैै कि तुमने रात को उस लड़के को क्यों बुलाया था कहीं ऐसा तो नहीं है तुम उसके प्यार में पड़ गई हो।

ज्योति

अरे यार तुम  किसकी बात कर रही हो उस चंपू की देखने में तो सुंदर है नहीं थोड़ी पर्सनालिटी है तो क्या हुआ? उससे प्यार कौन करेगा?

रिचा

सोचती है कि मेरी लाइन क्लियर है। इस ब्यूटीफुल की नजर मेरे विजय पर नहीं है बढ़िया  है , 1 साल बाद मेरी मेडिकल क्लियर हो जाएगी और उसकी 2 साल बाद क्लियर हो जाएगी और हम शादी कर सकते हैं लेकिन उससे पहले उसको मुझसे प्यार करना पड़ेगाे प्यार होगा। भैया तो कहीं चुके है कि “तुमको कोई लड़का पसंद हो तो बता दो शादी  करवा देंगे लेकिन उसको तुमसे प्यार करना चाहिए” ।

ज्योति

सोचती है कि मेरे पापा एक रिटायर्ड कर्नल हैं इस बारे  में मेरे सारे कॉलेज दोस्त जानते हैं यदि उनको पता चला कि मैं एक शैंपू से शादी या प्यार करने जा रहे हो मेरी तो वाट लग जाएगी। मेरे कैरियर का क्या होगा मैं तो सोचा है अमेरिका ,इंग्लैंड, के एन आर आई से ही शादी करूंगी।लेकिन तुम सारी बातें मुझसे क्यों पूछ रही हो?

रिचा

कुछ नहीं यार ऐसे ही।

ज्योति

ओके

रिचा

अरे ज्योति!  तुम कुछ सोच रही हो क्या?

ज्योति

नहीं यार थोड़ी घर की याद आ रही है।

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